दोस्तों आज हम जानेगे झारखण्ड के एक प्रसिद्ध मंदिर के बारे में जहा पहले अंग्रेजो का राज हुवा करता था पर अभी वह आजाद देश का आजाद मंदिर है|
तो चलिए शुरू करते है:-

पहाड़ी मंदिर रांची 

पहाड़ी मंदिर रांची

यह मंदिर “झारखण्ड” राज्ये की राजधानी “रांची” से लगभग 7 kilometer की दुरी पे स्थित है| जहाँ भगवन शिव (भोलेनाथ) की पूजा की जाती है| यह मंदिर जमींन से लगभग 350 फ़ीट की उचाई पे स्थित है| | यहाँ से आप पुरे रांची शहर का नज़ारा देख सकते है| यहाँ भगवान शिव (भोलेनाथ) की शिवलिंग की पूजा की जाती है| इसलिए यहाँ सावन और शिवरात्रि के दिनों में भोत ही जाएदा भीड़ होती है| 

Pahari Mandir Ranchi History

यहाँ धार्मिक झंडे के साथ साथ राष्ट्रीय झंडा भी फहराया जाता है क्युकी यह मंदिर पहले अंग्रेजो के राज में हुवा करता था और अंग्रेज यहाँ राज किया करते थे और यहाँ जो देश के लिए लड़ते या अंग्रेजो के खिलाफ आवाज़ उठाते थे उन्हें फ़ासी दिया करते थे| पहले इस मंदिर का नाम “टिरीबुरू” था लेकिन बाद में अंग्रेजो ने इसका नाम बदल कर के “हैंगिंग गर्री” रख दिया गया था| क्यूंकि वहां अंग्रेज फ्रीडम फ़इटर्स को फांसी देते थे|

झारखण्ड में फेहराया जाने वाला सबसे पहला तिरंगा

झारखण्ड में पहली बार झंडा पहाड़ी मंदिर “रांची” में फेहराया गया था| देश के आज़ाद होने के बाद से यहाँ राष्ट्रीय झंडा फहराने जाने लगा| यह तिरंगा रांची के एक स्वतंत्र सेनानी “कृष्ण चंद्र दस” जी के दवारा फेहराया गया था| और शाहिद हुवे उन वीर योद्धाओ को नमन किया गया था| और उस दिन से हर स्वतंत्रा दिवस और गणतंत्रा दिवस पे वहां झंडा फहरया जाता है|

Pahari Mandir Ranchi Steps

Pahari Mandir Ranchi Steps

जहाँ पे ऊपर चढ़ने के लिए 468 सीढ़िया बनाई गयी है, जिसकी मदद से आप ऊपर  सके है| ये सीढ़िया सीमेंट और छड़ से बानी हुवी है जो इतनी मजबूत है की ये इंग्रेजो के समय में बनाये गए थे लेकिन ये आज भी सुरछित है|

Pahari Mandir Ranchi Timing

Pahari Mandir Ranchi Timing

सोमवार- सुबह 4:30 से 1:00 दोपहर तक फिर एक घंटे के बाद 2:00 दोपहर से 6:00 शाम तक फिर 7:00 शाम से 9:00 रात तक|
मंगलवार- सुबह 4:30 से 1:00 दोपहर तक फिर एक घंटे के बाद 2:00 दोपहर से 6:00 शाम तक फिर 7:00 शाम से 9:00 रात तक|
बुधवार- सुबह 4:30 से 1:00 दोपहर तक फिर एक घंटे के बाद 2:00 दोपहर से 6:00 शाम तक फिर 7:00 शाम से 9:00 रात तक|
गुरुवार- सुबह 4:30 से 1:00 दोपहर तक फिर एक घंटे के बाद 2:00 दोपहर से 6:00 शाम तक फिर 7:00 शाम से 9:00 रात तक|
शुक्रवार- सुबह 4:30 से 1:00 दोपहर तक फिर एक घंटे के बाद 2:00 दोपहर से 6:00 शाम तक फिर 7:00 शाम से 9:00 रात तक|
शनिवार- सुबह 4:30 से 1:00 दोपहर तक फिर एक घंटे के बाद 2:00 दोपहर से 6:00 शाम तक फिर 7:00 शाम से 9:00 रात तक|
रविवार- सुबह 4:30 से 1:00 दोपहर तक फिर एक घंटे के बाद 2:00 दोपहर से 6:00 शाम तक फिर 7:00 शाम से 9:00 रात तक|

पहाड़ी मंदिर घूमने का सही समय:-

पहाड़ी मंदिर से रांची शहर का नज़ारा

आप यहाँ यदि सावन के महीने या शिवरात्रि के महीने में आते हो तो आप यहाँ का मज़ा  सकते हो| क्यूंकि सावन और शिवरात्रि के महीने में यहाँ श्रदालु जाएदा की संख्या में आते  वजह से  जाएदा होती है और उस समय में यहाँ मेले का आयोजन भी किया है| और यदि आप साम में आते है तो यहाँ की जगमगाती और चमकती लाइट्स और सजावट में आपको खूब आनद आयेगा|

पहाड़ी मंदिर के प्रसिद्ध होने के पीछे का कारण:-

  • ये ऊपर पर्वतो पे होने कारण से यह प्रसिद्ध है|
  • यहाँ अंग्रेजो का राज था और इस्पे जित हासिल किया गया था इसलिए बी यह प्रसिद्ध है|
  • यहाँ पे जाने के बाद वहां से पुरे रांची शहर का नज़ारा दीखता है|
  • बूढ़े- बुजुर्ग लोग  भगवान् की पूजा अर्चना जाएदा करते है इसलिए आस पास के लोग वह जाएदा जाते है|
  • यहाँ स्वतंत्रता सेनानियों को फ़ासी दी जाती थी जिसकी वजह से ये मंदिर में भगवान् के साथ साथ उन वीरो को भी नमन करती है|
  • साथ ही मंदिर के दीवारों पर सहीद हुवे सेनानियों के नाम भी लिखे है, जिसे देखने के लिए दूर दूर से यहाँ आते है|

निष्कर्ष-  दोस्तों आपको झारखण्ड  के पहाड़ी मंदिर “रांची”- Pahari Mandir Ranchi  के बारे में जान कर के कैसा लगा??
हमें कमेंट कर के जरूर बताये|
धन्यवाद…….

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